https://www.tv9bharatvarsh.com/india/ram-mandir-babri-masjid-doordarshan-team-reached-ayodhya-even-before-lock-was-opened-106371.html Facebook Twitter Email LinkedIn एक ताले के भीतर अयोध्या की आग दबी हुई थी. ताला खुला और आग भड़क उठी. इस आग ने पहले अयोध्या को जलाना शुरू किया फिर दावानल बनकर पूरे देश में फैल गई. ये आग अपने पीछे एक जलता हुआ सवाल छोड़ गई. अयोध्या में रामजन्मभूमि का ताला खुलवाने के पीछे कांग्रेस थी या भाजपा? राजीव गांधी थे या विश्व हिंदू परिषद्? ये सवाल आज भी धधक रहा है. ताला कैसे खुला? उसके पीछे कौन लोग थे? और वे कौन लोग थे, जो अब तक सामने नहीं आए हैं? क्या किसी एक गलती से देश का ध्यान हटाने के लिए तब की सरकार ने दूसरी बड़ी गलती की थी? उस रोज क्या हुआ था? यह अब तक तिलिस्म की तरह है. इतने बड़े फैसले की किसी को कानों कान खबर तक नहीं थी. अगर ताला न खुलता तो विवादित जगह पर शिलान्यास न होता. अगर शिलान्यास न होता तो ढांचा न गिरता. यानी अयोध्या में ध्वंस की जड़ में था विवादित परिसर का ताला खोला जाना. नफा-नुकसान को तौलकर, एक सोची-समझी राजनीति के तहत ताला खुलवाने का ...
महिला पुलिस अफसर ने कैंसर मरीजों का विग बनाने के लिए दान कर दिए अपने बाल - Kerala police officer Aparna Lavakumar donated her hair for cancer patientsTV9 Bharatvarsh
https://www.tv9bharatvarsh.com/india/kerala-police-officer-aparna-lavakumar-donated-her-hair-for-cancer-patients-106377.html केरल के त्रिसूर जिले की पुलिस अफसर अपर्णा लवकुमार की तस्वीरें वायरल हो रही हैं. अपर्णा ने कैंसर मरीजों का विग बनाने के लिए अपने बाल दान कर दिए हैं. उनकी हर तरफ जमकर तारीफ हो रही है. अपर्णा ने अपनी इस तारीफ पर कहा ‘मैंने जो किया वो कोई बहुत बड़ी बात नहीं है. बाल तो एक दो साल में वापस आ जाएंगे. मेरे लिए असल में वो लोग हीरो हैं जो जरूरतमंदों को अंगदान करते हैं. सूरत से ज्यादा आपका काम मायने रखता है.’ अपर्णा को लोग मददगार अफसर के रूप में जानते हैं. वे पहले भी लोगों की सहायता कर चुकी हैं.तकरीबन 10 साल पहले एक परिवार में एक बच्चे की मौत हो गई थी. परिवार के पास बच्चे की बॉडी को ले जाने के लिए पैसे नहीं थे. अपर्णा ने उस वक्त अपने तीन सोने के कंगन परिवार को दे दिए थे. तब उस गरीब परिवार ने 60 हजार का बिल चुकाया और बॉडी ले गए. अपर्णा के साथ काम करने वाले उनका बड़ा सम्मान करते हैं, उन्हें अपना आदर्श मानते हैं. अपर्णा बताती हैं कि वे पहले भी थोड़े थोड़े बाल दान ...