पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण देने से पहले ही कश्मीर मसले पर हार मान ली है. इमरान खान आज यानी शुक्रवार शाम को यूएनजीए को संबोधित करने वाले हैं. माना जा रहा है कि इमरान इस दौरान कश्मीर मसले को एक बार फिर से जोरशोर से उठाएंगे.
‘कश्मीर के लिए आया हूं न्यूयॉर्क’ हालांकि, इसस पहले ही इमरान ने एक इंटरव्यू में कहा है कि उन्हें अपनी स्पीच से कोई खास उम्मीद नहीं है. न्यूयॉर्क टाइम्स के एडिटर्स के साथ हुई मीटिंग में इमरान ने कहा, “मुझे कश्मीर में संभावित नरसंहार का डर है. कम से कम मेरे बात रखने से दुनिया को इस बारे में पता तो चलेगा.”
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान इस बात को लेकर नाउम्मीद नजर आए कि उनके प्रयासों से यूएन कश्मीर मसले पर कोई एक्शन लेगा. हालांकि, इमरान ने यह साफ तौर पर कहा कि ‘मैं न्यूयॉर्क खासतौर पर कश्मीर के लिए ही आया हूं. बाकी दूसरी सारी चीजें मेरे लिए सेकेंडरी हैं. दुनिया इस बात को महसूस नहीं कर रही है कि वहां पर बड़ी आपदा आने वाली है.’
‘जम्मू-कश्मीर में नरसंहार का डर’ बता दें कि इमरान ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर ह्यूमन राइट्स वॉच प्रमुख केनेथ रोथ के साथ बैठक के दौरान भी कश्मीर मसले का जिक्र किया. इस दौरान उन्होंने भारत में जम्मू-कश्मीर से कर्फ्यू हटने पर नरसंहार का डर जताया. इमरान ने रोथ को बताया कि कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों ने लगभग 15,000 कश्मीरी युवाओं को कैद कर रखा है.
एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान ने कहा, “भारत अपने कब्जे वाले कश्मीर की जनसांख्यिकी बदलने की कोशिश कर रहा है, जिससे क्षेत्र में अभूतपूर्व मानवीय संकट का खतरा पैदा हो गया है.”
इमरान ने कहा कि ‘कश्मीर में भारत की ‘दमनकारी और अवैध’ कार्रवाई ना सिर्फ क्षेत्र बल्कि समूचे मुस्लिम समुदाय के लिए भी प्रतिघात है. दुनिया को एहसास नहीं है कि हम एक बड़ी तबाही की ओर बढ़ रहे हैं. उन्हें यह समझ नहीं आ रहा है कि यह बहुत गलत हो सकता है.’
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